Table of Contents
(घ) खनिज संसाधन
खनिज :-
- निश्चित अनुपात में रासायनिक एवं भौतिक विशिष्टताओं के साथ निर्मित एक प्राकृतिक पदार्थ को खनिज कहा जाता है।
या,
- निश्चित रासायनिक संयोजन एवं विशिष्ट आंतरिक परमाण्विक संरचना वाले ठोस प्राकृतिक पदार्थ को खनिज कहा जाता है।
- संसाधन आधुनिक सभ्यता एवं संस्कृति के आधार स्तंभ है।
- 2000 से अधिक खनिज की पहचान की जा चुकी है किंतु 30 खनिज ही आर्थिक दृष्टि से विशिष्ट महत्व रखते हैं।
- भारत में 100 से अधिक खनिज मिलते हैं।
- भारत में खनिजों के सर्वेक्षण एवं विकास की दिशा में ‘जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया’ और ‘तेल एवं प्राकृतिक गैस आयोग’ महत्वपूर्ण कार्य कर रही है।
खनिज दो प्रकार के होते हैं :-
(i) धात्विक खनिज
(ii) अधात्विक खनिज
धात्विक खनिज :-
- वैसे खनिज जिसमें धातु होता है उसे धात्विक खनिज कहते हैं।
जैसे :- लौह अयस्क, तांबा, निकिल, मैंगनीज
अधात्विक खनिज :-
- वैसे खनिज जिसमें धातु नहीं होते हैं उसे अधात्विक खनिज कहते हैं।
जैसे :- चूना पत्थर, डोलोमाइट, अभ्रक, जिप्सम
धात्विक खनिज दो प्रकार के होते हैं :-
i. लौहयुक्त खनिज
ii. अलौहयुक्त खनिज
लौहयुक्त खनिज :-
- वैसे धात्विक खनिज जिसमें लोहा का अंश पाया जाता है उसे लौह युक्त धात्विक खनिज कहते हैं।
जैसे :- लौह अयस्क, मैंगनीज, निकिल, टंगस्टन आदि।
अलौहयुक्त खनिज :-
- वैसे धात्विक खनिज जिसमें लोहा का अंश नहीं पाया जाता है उसे अलौहयुक्त धात्विक खनिज कहते हैं।
जैसे :- सोना, चांदी, शीशा, बॉक्साइट, टीन, तांबा आदि।
लौह खनिज और अलौह खनिज में अंतर
| लौह खनिज | अलौह खनिज |
| I. जिन खनिज में लोहे का अंश पाया जाता है तथा उनका उपयोग लोहे एवं इस्पात बनाने में किया जाता है वे लौहे खनिज कहलाते है। | I. जिन खनिज में लोहे का अंश नहीं पाया जाता है उसे अलौह खनिज कहा जाता है। |
| II. ये स्लेटी, धूसर, मटमैला आदि रंग के होते है। | II. ये अनेक रंग के हो सकते है। |
| III. ये रवेदार चट्टानों में पाये जाते हैं। | III. ये सभी प्रकार के चट्टानों में मिल सकते हैं। |
अधात्विक खनिज दो प्रकार के होते हैं :-
i. कार्बनिक खनिज
ii. अकार्बनिक खनिज
कार्बनिक खनिज :-
- वैसे खनिज जिसमें जीवाश्म होते हैं उसे कार्बनिक खनिज कहते हैं।
जैसे :- कोयला, पेट्रोलियम
अकार्बनिक खनिज :-
- वैसे खनिज जिसमें जीवाश्म नहीं होते हैं उसे अकार्बनिक खनिज कहते हैं।
- जैसे :- अभ्रक, ग्रेफाइट
खनिजों की विशेषताएं :-
- खनिज उद्योगों की जननी है।
- खनिज का वितरण असमान है।
- खनिज समाप्य संसाधन है।
- खनिज अनवीकरणीय संसाधन है।
देश के अधिकतर खनिज निम्नलिखित तीन पेटियों में पाई जाती है :- i. उत्तर पूर्वी पठार
ii. दक्षिणी पश्चिमी पठार
iii. उत्तर पश्चिम प्रदेश
उत्तरी पूर्वी पठार :-
- उत्तरी पूर्वी पठार में छोटा नागपुर, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ तथा आंध्र प्रदेश का पठार अवस्थित है।
- उत्तरी पूर्वी पठार में लौह अयस्क, मैंगनीज, अभ्रक, बॉक्साइट, चूना पत्थर, डोलोमाइट, तांबा, थोरियम, यूरेनियम, क्रोमियम सिलीमेनाइट तथा फास्फेट का भंडार है।
दक्षिणी पश्चिमी पठार :-
खनिज संसाधन Class 10th Geography
- दक्षिणी पश्चिमी पत्थर में कर्नाटक और तमिलनाडु का पठार स्थित है।
- दक्षिणी पश्चिमी पत्थर में लौह अयस्क, मैंगनीज, बॉक्साइट आदि पाया जाता है।
- देश की सभी तीनों सोने की खान दक्षिणी पश्चिमी पठार में है।
उत्तर पश्चिम प्रदेश :-
- उत्तर पश्चिम प्रदेश का विस्तार खंभात की खाड़ी से लेकर अरावली की श्रेणी तक है।
- उत्तर पश्चिम प्रदेश में चांदी, शीशा, जस्ता, तांबा, बालू, पत्थर, ग्रेनाइट, संगमरमर, जिप्सम, मुल्तानी मिट्टी, डोलोमाइट, चूना पत्थर, नमक आदि का भंडार है।
नोट :- हिमालय खनिज पेटी में तांबा, शीशा जस्ता, कोबाल्ट आदि पाए जाते हैं।
लौह अयस्क :-
- लोहा आधुनिक सभ्यता के लिए रीढ़ है।
- लोहा को उद्योगों की जननी कहा जाता है।
- लोहा खान से लौह अयस्क के रूप में मिलता है।
- भारत में विश्व लौह भंडार का एक चौथाई भाग है।
भारत में लौह अयस्क तीन प्रकार के पाए जाते हैं :-
i. हेमेटाइट
ii. मैग्रेटाइट
iii. लिमोनाइट
खनिज संसाधन Class 10th Geography
लौह अयस्क का वितरण :-
- भारत में 1950-51 में 42 लाख टन लोहा का उत्पादन हुआ था जो 2004-05 में बढ़कर 1427.2 हो गया।
- भारत में लौह अयस्क कर्नाटक, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, गोवा, झारखंड, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु में पाया जाता है।
- भारत में सबसे अधिक लौह अयस्क कर्नाटक में पाया जाता है।
मैंगनीज :-
- मैंगनीज के उत्पादन में भारत का विश्व में तीसरा स्थान है।
- मैंगनीज के उत्पादन में प्रथम स्थान रूस का है।
- मैंगनीज का उपयोग जंग रोधी इस्पात, लोहा एवं मैंगनीज के मिश्र धातु, शुष्क बैटरी, फोटोग्राफी, चमड़ा, माचिस, पेंट तथा कीटनाशक दवा के बनाने में होता है।
- 1 टन इस्पात बनाने में लगभग 10 किलोग्राम मैंगनीज का उपयोग किया जाता है।
- भारत में मैंगनीज का संचित भंडार 1670 लाख टन है।
- मैंगनीज के संचित भंडार में भारत का विश्व में दूसरा स्थान है। (प्रथम – जिम्बाब्वे)
- भारत में मैंगनीज उड़ीसा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक एवं आंध्र प्रदेश में पाया जाता है।
- भारत में सबसे अधिक मैंगनीज उड़ीसा में पाया जाता है।
बॉक्साइट :-
- बॉक्साइट से एल्युमिनियम नामक धातु निकाली जाती है।
- बॉक्साइट का उपयोग वायुयान निर्माण, विद्युत उपकरण निर्माण, साज सज्जा के सामान का निर्माण, बर्तन निर्माण, सफेद सीमेंट तथा रासायनिक वस्तु बनाने में किया जाता है।
- भारत में बॉक्साइट का भंडार 3037 मिलियन टन है।
- भारत इटली, यूके, जर्मनी एवं जापान को बॉक्साइट निर्यात करता है।
- भारत में बॉक्साइट उड़ीसा, गुजरात, झारखंड, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, जम्मू कश्मीर में पाया जाता है।
- भारत में सबसे अधिक बॉक्साइट उड़ीसा में पाया जाता है।
- तांबा एक अलौह धातु है।
- तांबा का उपयोग विद्युत उपकरण, बर्तन एवं सिक्के बनाने में किया जाता है।
- भारत में तांबा का कुल भंडार 125 करोड़ टन है।
- भारत में तांबा का खनन एवं प्रगलन हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड करती है।
- भारत में तांबा का सबसे अधिक उत्पादक झारखंड के पूर्वी एवं पश्चिमी सिंहभूम जिला है।
- राजस्थान का खेतरी तांबे के लिए प्रसिद्ध है।
खनिज संसाधन
- भारत विश्व में शीट अभ्रक का अग्रणी उत्पादक है।
- अभ्रक का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक उद्योग, आयुर्वेदिक दवा, विद्युत उपकरण बनाने में किया जाता है।
- भारत में अभ्रक बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश तथा राजस्थान में पाया जाता है।
- भारत में अभ्रक का कुल भंडार 5965 टन है।
- बिहार झारखंड भारत का 80% अभ्रक उत्पादन करता है।
- बिहार झारखंड में उत्तम कोटि के रूबी अभ्रक का उत्पादन होता है।
- संयुक्त राज्य अमेरिका भारतीय अभ्रक का मुख्य आयातक है।
खनिज संसाधन Class 10th Geography
चूना पत्थर :-
- भारत में चूना पत्थर का उपयोग सीमेंट, लोह इस्पात, रसायन, उर्वरक, कागज एवं चीनी उद्योग में होता है।
- भारत में सबसे अधिक 35% चूना पत्थर मध्य प्रदेश में पाया जाता है।
- भारत में चूना पत्थर के अन्य उत्पादक छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, गुजरात, राजस्थान कर्नाटक, महाराष्ट्र, उड़ीसा, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश है।
खनिज का आर्थिक महत्व :-
- खनिज उद्योगों की जननी है। देश की आर्थिक विकास के लिए खनिज संपदा आवश्यक है। विभिन्न उद्योगों में कच्चे माल के रूप में इनका प्रयोग किया जाता है। खनिज संसाधन के अभाव में देश की औद्योगिक विकास को गति एवं दिशा नहीं दे सकते हैं। खनिज संसाधन के अभाव में देश का आर्थिक विकास अवरुद्ध हो सकता है।
खनिजों का संरक्षण :-
- खनिज क्षयशील एवं अनवीकरणीय संसाधन है। खनिज की मात्रा सीमित है खनिज का पूर्वनिर्माण असंभव है। अतः खनिजों का संरक्षण एवं प्रबंधन आवश्यक है।
खनिज का प्रबंधन :-
- खनिजों पर नियंत्रण के अलावा उनके विकल्प को खोजना, खनिजों के अपशिष्ट पदार्थ का बुद्धिमत्ता पूर्वक उपयोग, पारिस्थितिकी पर पड़ने वाले प्रभाव पर नियंत्रण, खनिज निर्माण के लिए चक्रीय पद्धति को अपनाना खनिज प्रबंधन कहलाता है।
खनिज संसाधन का विवेक पूर्ण उपयोग तीन बात पर निर्भर करता है :-
- खनिज का निरंतर दोहन पर नियंत्रण
- खनिज का बचत पूर्वक उपयोग
- कच्चे माल के रूप में सस्ते विकल्प की खोज

वस्तुनिष्ठ प्रश्न
खनिज संसाधन
1. भारत में लगभग कितने खनिज पाये गये हैं?
उत्तर- 100
2. इन में से कौन लौह युक्त खनिज का उदाहरण है?
उत्तर- मैंगनीज
3. निम्नलिखित में कौन अधात्विक खनिज का उदाहरण है?
उत्तर- अभ्रक
4. किस खनिज को उद्योगों की जननी माना गया है?
उत्तर- लोहा
5. कौन लौह अयस्क का एक प्रकार है?
उत्तर- हेमाटाइट
6. कौन भारत का सबसे बड़ा लौह उत्पादक राज्य है?
उत्तर- कर्नाटक
खनिज संसाधन Class 10th Geography
7. छत्तीसगढ़ भारत का कितना प्रतिशत लौह अयस्क उत्पादन करता है?
उत्तर- 20
8. मैंगनीज उत्पादन में भारत का विश्व में क्या स्थान है?
उत्तर- तृतीय
9. एक टन इस्पात बनाने में कितने मैंगनीज का उपयोग होता है?
उत्तर- 10 कि०ग्रा०
10. उड़ीसा किस खनिज का सबसे बड़ा उत्पादक है?
उत्तर- मैंगनीज
11. एल्युमिनियम बनाने के लिए किस खनिज की आवश्यकता पड़ती है?
उत्तर- बॉक्साइट
12. देश में तांबे का कुल भण्डार कितना है?
उत्तर- 125 करोड़ टन
13. सीमेंट उद्योग का सबसे प्रमुख कच्चा माल क्या है?
उत्तर- चूना-पत्थर
14. भारत में किस खनिज का अभाव है? [2018C]
उत्तर- लेड
15. पीतल बनाया जाता है- [2019A II]
उत्तर- ताँबा और जस्ता दोनों से
16. कोयला है [2020AI]
उत्तर- अनवीकरणीय संसाधन
17. निम्नलिखित खनिजों में कोडेरमा किससे संबंधित है? [2021A1]
उत्तर- अभ्रक
18. लौह अयस्क है [2021AI]
उत्तर- अनवीकरणीय संसाधन
19. निम्न में से कौन लौह युक्त खनिज का उदाहरण है? [2021AII]
उत्तर- मैग्रेटाइट
20. किस खनिज को ‘उद्योगों की जननी‘ कहा जाता है? [2019C, 2021AII]
उत्तर- लोहा
21. बॉक्साइट का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है? [2022AII, 2024AI]
22. निम्न में कौन कार्बनिक खनिज है? [2022AII]
उत्तर- कोयला
23. भारत का सबसे बड़ा लौह अयस्क उत्पादक राज्य कौन-सा है? [2021AI, 2022AI]
उत्तर- कर्नाटक
24. एल्युमिनियम बनाने के लिए किस खनिज की आवश्यकता पड़ती है? [2018AII, 2020AII, 2022AII, 2024AII]
उत्तर- बॉक्साइट
25. मैंगनीज उत्पादन में अग्रणी राज्य कौन है? [2023AI]
उत्तर- ओडिशा
26. भारत किस खनिज के उत्पादन में विश्व में अग्रणी है? (2024AII)
उत्तर- अभ्रक
27. निम्न में से कौन लौह युक्त खनिज का उदाहरण है?
उत्तर- मैंगनीज (मेग्रेटाइट)
28. निम्न में कौन अधात्विक खनिज का उदाहरण है?
उत्तर- अभ्रक
29. भारत में बॉक्साइट का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है?
उत्तर- उड़ीसा
30. बिहार-झारखंड में देश का कितना प्रतिशत अभ्रक का उत्पादन होता है?
उत्तर- 80%
खनिज संसाधन Class 10th Geography
लघु उत्तरीय प्रश्न :-
1. खनिज क्या है?
उत्तर:- निश्चित अनुपात में रासायनिक एवं भौतिक विशिष्टताओं के साथ निर्मित एक प्राकृतिक पदार्थ को खनिज कहा जाता है।
2. धात्विक खनिज के दो प्रमुख पहचान क्या है?
उत्तर:- धात्विक खनिज के दो प्रमुख पहचान निम्न है:-
i. धात्विक खनिज में धातु होते हैं।
ii. धात्विक खनिज चमकीले होते हैं।
3. खनिजों की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए। [2023AII]
उत्तर :- खनिजों की विशेषताएं :-
- खनिज उद्योगों की जननी है।
- खनिज का वितरण असमान है।
- खनिज समाप्य संसाधन है।
- खनिज अनवीकरणीय संसाधन है।
4. लौह अयस्क के प्रकारों के नाम लिखिए। [2012S]
उत्तर:- लौह अयस्क तीन प्रकार के होते हैं :-
(i) हेमेटाइट
(ii) मैग्रेटाइट
(iii) लिमोनाइट

5. लोह अयस्क के प्रमुख उत्पादक राज्यों के नाम लिखिए।
उत्तर:- लौह अयस्क के प्रमुख उत्पादक राज्य कर्नाटक, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, गोवा, झारखंड, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु है।
6. झारखंड के मुख्य लौह उत्पादक जिलों के नाम लिखिए।
उत्तर :- झारखंड के पूर्वी एवं पश्चिमी सिंहभूम, पलामू, धनबाद, हजारीबाग, रांची, लोहारदगा, सरायकेला मुख्य लौह उत्पादक जिला है।
खनिज संसाधन
7. मैंगनीज के उपयोग पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:- मैंगनीज का उपयोग जंग रोधी इस्पात, लोहा एवं मैंगनीज के मिश्र धातु, शुष्क बैटरी, फोटोग्राफी, चमड़ा, माचिस, पेंट तथा कीटनाशक दवा के बनाने में होता है।
8. एल्युमिनियम के उपयोग का उल्लेख कीजिए।
उत्तर :- बॉक्साइट का उपयोग वायुयान निर्माण, विद्युत उपकरण निर्माण, साज सज्जा के सामान का निर्माण, बर्तन निर्माण, सफेद सीमेंट तथा रासायनिक वस्तु बनाने में किया जाता है।
9. अभ्रक का उपयोग क्या है?
उत्तर:- अभ्रक का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक उद्योग, आयुर्वेदिक दवा, विद्युत उपकरण बनाने में किया जाता है।
10. चूना पत्थर की क्या उपयोगिता है?
उत्तर :- भारत में चूना पत्थर का उपयोग सीमेंट, लोह इस्पात, रसायन, उर्वरक, कागज एवं चीनी उद्योग में होता है।
11. खनिजों की मुख्य विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:- खनिजों की विशेषताएं :-
- खनिज उद्योगों की जननी है।
- खनिज का वितरण असमान है।
- खनिज समाप्य संसाधन है।
- खनिज अनवीकरणीय संसाधन है।
12. खनिजों के संरक्षण एवं प्रबंधन से आप क्या समझते हैं? [2015AII, 2018AII, 2020AII]
उत्तर:- खनिजों का विवेकपूर्ण उपयोगी ही खनिज संरक्षण कहलाता है। खनिजों पर नियंत्रण के अलावा उनके विकल्पों को खोजना, खनिजों के अपशिष्ट पदार्थ का बुद्धिमत्ता पूर्वक उपयोग, पारिस्थितिकी पर पड़ने वाले कुप्रभाव पर नियंत्रण, खनिज निर्माण के लिए चक्रीय पद्धति को अपनाना खनिज प्रबंधन कहलाता है।
13. लौह-अलौह खनिज में अंतर बताएँ-[2011S]
| लौह खनिज | अलौह खनिज |
| I. जिन खनिज में लोहे का अंश पाया जाता है तथा उनका उपयोग लोहे एवं इस्पात बनाने में किया जाता है वे लौहे खनिज कहलाते है। | I. जिन खनिज में लोहे का अंश नहीं पाया जाता है उसे अलौह खनिज कहा जाता है। |
| II. ये स्लेटी, धूसर मटमैला आदि रंग के होते है। | II. ये अनेक रंग के हो सकते है। |
| III. ये रवेदार चट्टानों में पाये जाते हैं। | III. ये सभी प्रकार के चट्टानों में मिल सकते है। |
14. खनिज का आर्थिक महत्व का वर्णन करें- [2017AI]
उत्तर:- खनिज उद्योगों की जननी है। देश की आर्थिक विकास के लिए खनिज संपदा आवश्यक है। विभिन्न उद्योगों में कच्चे माल के रूप में इनका प्रयोग किया जाता है। खनिज संसाधन के अभाव में देश की औद्योगिक विकास को गति एवं दिशा नहीं दे सकते हैं। खनिज संसाधन के अभाव में देश का आर्थिक विकास अवरुद्ध हो सकता है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न:-
1. खनिज कितने प्रकार के होते हैं? प्रत्येक का सोदाहरण परिचय दीजिए।
उत्तर:- खनिज दो प्रकार के होते हैं :-
i. धात्विक खनिज
ii. अधात्विक खनिज
- धात्विक खनिज :- वैसे खनिज जिसमें धातु होता है उसे धात्विक खनिज कहते हैं।
जैसे :- लौह अयस्क, तांबा, निकिल, मैंगनीज
- अधात्विक खनिज :- वैसे खनिज जिसमें धातु नहीं होते हैं उसे अधात्विक खनिज कहते हैं।
जैसे :- चूना पत्थर, डोलोमाइट, अभ्रक, जिप्सम
2. धात्विक एवं अधात्विक खनिजों में क्या अंतर है? तुलना कीजिए। [2019AI]
उत्तर :-
| धात्विक खनिज | अधात्विक खनिज |
| I. धात्विक खनिज को गलाने पर धातु प्राप्त होता है। | I. अधात्विक खनिज को गलाने पर धातु प्राप्त नहीं हो सकता। |
| II. ये कठोर एवं चमकीले होते है। | II. इनकी अपनी चमक होती है। |
| III. ये प्रायः आग्न आग्नेय चट्टान में पाये जाते है। | III. ये प्रायः परतदारचट्टानों में मिलते है। |
| Iv. इन्हें पीट कर तार बनाया जा सकता है। ये पीट ने पर टूटता नहीं है। | Iv. इन्हें पीट कर तार नहीं बनाया जा सकता है। ये पीटने से टूट भी सकता है। |
3. भारत के खनिज पेटियों का नाम लिखकर किन्हीं दो का वर्णन कीजिए।
उत्तर :- भारत में तीन प्रमुख खनिज पेटियां है :-
(i) उत्तर पूर्वी पठार
(ii) दक्षिणी पश्चिमी पठार
(iii) उत्तर पश्चिम प्रदेश
उत्तरी पूर्वी पठार :- उत्तरी पूर्वी पठार में छोटा नागपुर, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ तथा आंध्र प्रदेश का पठार अवस्थित है। उत्तरी पूर्वी पठार में लौह अयस्क, मैंगनीज, अभ्रक, बॉक्साइट, चूना पत्थर, डोलोमाइट, तांबा, थोरियम, यूरेनियम, क्रोमियम सिलीमेनाइट तथा फास्फेट का भंडार है।
दक्षिणी पश्चिमी पठार :- दक्षिणी पश्चिमी पत्थर में कर्नाटक और तमिलनाडु का पठार स्थित है। दक्षिणी पश्चिमी पत्थर में लौह अयस्क, मैंगनीज, बॉक्साइट आदि पाया जाता है। देश की सभी तीनों सोने की खान दक्षिणी पश्चिमी पठार में है।
4. लौह अयस्क का वर्गीकरण कर उनकी विशेषताओं को लिखिए।
उत्तर :- लौह अयस्क तीन प्रकार के होते हैं :-
(i) हेमाटाइट
(ii) मैग्नेटाइट
(iii) लिमोनाइट
- (i) हेमाटाइट :- हेमाटाइट में 68% लोहा का अंश पाया जाता है। हेमाटाइट को लाल अयस्क के नाम से जाना जाता है।
- (ii) मैग्नेटाइट :- मैग्नेटाइट में 60% लोहा का अंश पाया जाता है। मैग्नेटाइट को काला अयस्क के नाम से जाना जाता है।
- (iii) लिमोनाइट :- लिमोनाइट में 40% लोहा का अंश पाया जाता है। लिमोनाइट को पीला अयस्क के नाम से जाना जाता है।
खनिज संसाधन Class 10th Geography
5. भारत में लौह अयस्क के वितरण पर प्रकाश डालिए।
उत्तर :- भारत में 1950-51 में 42 लाख टन लोहे का उत्पादन हुआ जो 2004-05 में बढ़कर 1427.1 लाख टन हो गया। अतः लोहे के उत्पादन में भारी विकास हुआ है।
भारत में लौह अयस्क कर्नाटक, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, गोवा, झारखण्ड, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में पाए जाते हैं।
भारत में सबसे अधिक लोहा का उत्पादन कर्नाटक राज्य में होता है। कर्नाटक राज्य भारत का लगभग एक-चौथाई लोहा उत्पादन करता है। छत्तीसगढ़ देश का दूसरा उत्पादन राज्य है जो देश का करीब 20 प्रतिशत लोहा उत्पन्न करता है। यहाँ का अधिकांश लोहा विशाखापत्तनम बंदरगाह से जापान को निर्यात किया जाता है। गोवा देश का चौथा बड़ा लोहा उत्पादक राज्य है, 16 प्रतिशत देश का लोहा यहीं से प्राप्त होता है। यहाँ के मर्मागांव पतन से लोहा निर्यात किया जाता है। झारखण्ड देश का पांचवां बड़ा अयस्क उत्पादक राज्य है और 15% से अधिक लोहे का उत्पादन करता है।
6. मैंगनीज अथवा बॉक्साइट की उपयोगिता तथा देश में इनके वितरण का वर्णन कीजिए।
उत्तर :- मैंगनीज का उपयोग जंग रोधी इस्पात, लोहा एवं मैंगनीज के मिश्र धातु, शुष्क बैटरी, फोटोग्राफी, चमड़ा, माचिस, पेंट तथा कीटनाशक दवा के बनाने में होता है।
मैंगनीज के उत्पादन में भारत का विश्व में तीसरा स्थान है। भारत में मैंगनीज का संचित भंडार 1670 लाख टन है। भारत में मैंगनीज उड़ीसा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक एवं आंध्र प्रदेश में पाया जाता है। भारत में सबसे अधिक मैंगनीज उड़ीसा में पाया जाता है।
उड़ीसा भारत में मैंगनीज के उत्पादन में अग्रणी है। यहाँ देश के कुल उत्पादन का 37.6% मैंगनीज उत्पन्न होता है। महाराष्ट्र भारत के कुल उत्पादन का लगभग एक चौथाई मैंगनीज उत्पादन करता है। मध्य प्रदेश 21% मैंगनीज पैदा कर देश का तीसरा बड़ा उत्पादक राज्य है। कर्नाटक में पहले यहाँ देश का एक चौथाई मैंगनीज उत्पादन होता था किन्तु अब उत्पादन कम हो रहा है। आन्ध्र प्रदेश में देश के सकल उत्पादन का 6 प्रतिशत ही मैंगनीज का उत्पादन होता है।
7. अभ्रक की उपयोगिता एवं वितरण पर प्रकाश डालिए।
उत्तर :- अभ्रक का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक उद्योग, आयुर्वेदिक दवा, विद्युत उपकरण बनाने में किया जाता है।
भारत विश्व में सीट अभ्रक का अग्रणी उत्पादक है। भारत में अभ्रक का कुल भंडार 5965 टन है। भारत में अभ्रक बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश तथा
- राजस्थान में अभ्रक का उत्पादन पाया जाता है।
- बिहार एवं झारखंड मिलकर देश के कुल अभ्रक उत्पादन का 80% हिस्सा प्रदान करते हैं।
- बिहार तथा झारखंड के क्षेत्रों में श्रेष्ठ श्रेणी के ‘रूबी अभ्रक’ का खनन किया जाता है।
- बिहार के प्रमुख अभ्रक उत्पादक क्षेत्र गया, मुंगेर और भागलपुर जिले हैं।
- झारखंड राज्य में धनबाद, पलामू, रांची तथा सिंहभूम जिले अभ्रक के मुख्य स्रोत हैं।
- आंध्र प्रदेश का नेल्लौर जिला अभ्रक उत्पादन के लिए जाना जाता है।
- राजस्थान में जयपुर, उदयपुर एवं अजमेर जिलों में इसका उत्पादन होता है।
प्रश्न 8. खनिजों के संरक्षण के उपाय सुझाइये।
उत्तर: खनिज सीमित मात्रा में उपलब्ध, अनवीकरणीय तथा धीरे-धीरे समाप्त होने वाले प्राकृतिक संसाधन हैं। इनका पुनर्निर्माण संभव नहीं है, इसलिए इनका विवेकपूर्ण उपयोग और संरक्षण आवश्यक है।
- खनिज संरक्षण के प्रमुख उपाय:
- खनिजों के अत्यधिक और अनियंत्रित दोहन पर रोक लगाना।
- खनिजों का मितव्ययिता (बचत) के साथ कुशलतापूर्वक उपयोग करना।
- कच्चे माल के तौर पर सस्ते और वैकल्पिक संसाधनों की खोज करना।
प्रश्न 9. अर्थव्यवस्था पर खनन कार्य के प्रभाव का वर्णन करें। [2019AII]
उत्तर: किसी देश या क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर खनन कार्य के निम्नलिखित मुख्य प्रभाव पड़ते हैं:
- रोजगार सृजन: खनन गतिविधियों से स्थानीय लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर प्राप्त होते हैं।
- अवसंरचना (Infrastructural) का विकास: खनिजों की ढुलाई और परिवहन को सुगम बनाने के लिए सड़कों तथा रेलमार्गों का संजाल विकसित किया जाता है।
- विदेशी मुद्रा की प्राप्ति: उत्पादित खनिजों के निर्यात से देश को बहुमूल्य विदेशी मुद्रा प्राप्त होती है।
- औद्योगिक विकास: खनन से प्राप्त खनिजों का उपयोग कच्चे माल के रूप में करके नए-नए उद्योगों की स्थापना होती है, जिससे आजीविका के साधन बढ़ते हैं।
- पुनर्वास और नया विकास: खनन क्षेत्रों में विस्थापित आबादी को नए स्थानों पर बसाया जाता है, जिससे उन नए क्षेत्रों में भी आधुनिक बुनियादी सुविधाओं और विकास को गति मिलती है।