chapter 02 political science Theory bihar board exam 2027

chapter 02

Table of Contents

  • लोकतंत्र (Democracy): यह एक ऐसी शासन-व्यवस्था है जिसे जनता द्वारा चुना जाता है और जो जनता के हित में कार्य करती है।
  • गैरलोकतांत्रिक शासन: ऐसी सरकारें जो जनता द्वारा निर्वाचित नहीं होतीं, बल्कि तख्तापलट (Coup) या पारिवारिक परंपरा (Monarchy) जैसे अन्य माध्यमों से स्थापित होती हैं, उन्हें गैर-लोकतांत्रिक कहा जाता है।

शासन के बीच मुख्य अंतर

  • लोकतांत्रिक सरकार के अधिकारी जनता के प्रति जवाबदेह होते हैं, जबकि गैर-लोकतांत्रिक शासन में अधिकारी अक्सर अपने स्वयं के हित में शासन करते हैं।
  • अध्याय का उद्देश्य लोकतांत्रिक और गैर-लोकतांत्रिक सरकारों के बीच के अंतर को स्पष्ट करना है।

  अध्याय के प्रमुख सीखने वाले बिंदु

  • लोकतंत्र की सही परिभाषा और इसकी विशेषताएं क्या हैं?
  • लोकतांत्रिक सरकार की न्यूनतम विशेषताएं क्या होनी चाहिए?
  • लोकतंत्र के पक्ष और विपक्ष में कौन-से तर्क दिए जा सकते हैं?
  • लोकतंत्र का व्यापक अर्थ (Broader Meaning) क्या है?

  पाकिस्तान: सैन्य तख्तापलट और लोकतंत्र की चुनौतियाँ

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  • अक्टूबर 1999: जनरल परवेज मुशर्रफ ने सैन्य तख्तापलट का नेतृत्व किया और चुनी हुई सरकार को हटाकर खुद को देश का ‘मुख्य कार्यकारी’ घोषित किया।
  • 2002 का जनमत संग्रह: मुशर्रफ ने खुद को राष्ट्रपति घोषित किया और एक जनमत संग्रह के माध्यम से अपना कार्यकाल पांच वर्ष के लिए बढ़ा लिया, जिसमें बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी के आरोप लगे थे।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद: संविधान बदलने के बाद, राष्ट्रपति की शक्तियों में वृद्धि हुई और मंत्रिपरिषद के कामकाज की निगरानी एक ‘राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद’ करने लगी, जिसमें अधिकतर सैन्य अधिकारी थे।
  • 2008 का चुनाव: फरवरी 2008 में हुए आम चुनावों के बाद आसिफ अली जरदारी राष्ट्रपति और यूसुफ रजा गिलानी प्रधानमंत्री बने, जिससे वहां लोकतंत्र की पुन: स्थापना हुई।

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  नेपाल: राजशाही व्यवस्था

  • नेपाल में वर्तमान व्यवस्था से पहले राजशाही शासन था, जहाँ शासक का चुनाव जनता द्वारा नहीं होता था, बल्कि राजपरिवार में जन्म लेने वाला व्यक्ति ही शासक बनता था।
  • इस व्यवस्था में शासन संचालन में आम लोगों की कोई भागीदारी नहीं होती थी।

  चीन: कम्युनिस्ट शासन व्यवस्था

  • चीन में संसद के लिए हर पाँच वर्ष में नियमित रूप से चुनाव होते हैं और संसद ही राष्ट्रपति की नियुक्ति करती है।
  • हालाँकि, संसद के कुछ सदस्यों का चुनाव सेना करती है और चुनाव लड़ने से पहले सभी उम्मीदवारों को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से मंजूरी लेनी होती है।
  • इस कारण वहां शासन में आम लोगों की भागीदारी समान रूप से नहीं होती है।

  लोकतंत्र की मुख्य विशेषताएँ

  • जनता की भागीदारी: जिस सरकार में लोगों की सक्रिय भागीदारी होती है, उसे लोकतांत्रिक सरकार कहा जाता है।
  • चुनाव प्रक्रिया: भारत और ब्रिटेन जैसी व्यवस्थाओं में सरकार का निर्माण चुनावों के माध्यम से होता है।
  • मतदान का अधिकार: 18 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिक वोट देने के पात्र होते हैं।
  • प्रतिनिधित्व: चुनाव में सबसे ज्यादा वोट प्राप्त करने वाला व्यक्ति जनता का प्रतिनिधि कहलाता है और वही शासन के संचालन में भाग लेता है।

  गैर-लोकतांत्रिक व्यवस्था

  • सीमित भागीदारी: जहाँ जनता की भागीदारी नहीं होती, उसे गैरलोकतांत्रिक व्यवस्था कहा जाता है।
  • दलीय नियंत्रण: कुछ व्यवस्थाओं में सरकार बनाने के लिए कम्युनिस्ट पार्टी जैसी विशिष्ट संस्थाओं से मंजूरी लेनी पड़ती है, जहाँ महत्वपूर्ण फैसलों में जनता की नहीं बल्कि पार्टी की भागीदारी होती है।

  चुनाव प्रक्रिया की चुनौतियाँ

  • दस्तावेज़ के “कहाँ पहुँचे? क्या समझे?” खंड में चुनावी विसंगतियों के कुछ उदाहरण दिए गए हैं:
  • किसी अन्य व्यक्ति द्वारा फर्जी मतदान कर देना।
  • एक ही व्यक्ति द्वारा एक से अधिक वोट डालना।
  • वोटर-लिस्ट (मतदाता सूची) में नाम न होना।
  • निष्कर्ष: लोकतंत्र की एक सामान्य परिभाषा यह है कि इसमें लोग अपनी सरकार का चुनाव खुद करते हैं और 18 वर्ष से अधिक आयु के वयस्क अपने मत का प्रयोग कर योग्य प्रतिनिधि चुनते हैं।
  • लोकतंत्र की सरल परिभाषा: लोकतंत्र शासन का एक ऐसा रूप है जिसमें शासकों का चुनाव लोग खुद करते हैं।
  • अब्राहम लिंकन की परिभाषा: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन के अनुसार, “लोकतंत्र ऐसी शासन व्यवस्था है जिसमें लोगों का, लोगों के लिए और लोगों के द्वारा शासन किया जाता है”।
  • प्रतिनिधि लोकतंत्र (Indirect Democracy): इस व्यवस्था में लोग सीधे शासन नहीं करते, बल्कि अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं जो शासन का संचालन करते हैं। इसे ‘अप्रत्यक्ष लोकतंत्र’ भी कहा जाता है।
  • प्रत्यक्ष लोकतंत्र (Direct Democracy): स्विट्जरलैंड एक ऐसा देश है जहाँ प्रत्यक्ष लोकतंत्र है। यहाँ लोग स्वयं शासन में भाग लेते हैं और कानूनों का निर्माण भी स्वयं करते हैं।
  • गैरलोकतांत्रिक उदाहरण: पाकिस्तान में जनरल परवेज मुशर्रफ की सरकार, म्यांमार के सैनिक शासक और नेपाल की पूर्व राजशाही को लोकतांत्रिक नहीं कहा जा सकता क्योंकि वहां शासकों का चुनाव जनता द्वारा नहीं किया गया था।
  • अंतिम शक्ति जनता के पास: लोकतंत्र में अंतिम शक्ति जनता में निवास करती है क्योंकि प्रतिनिधि लोगों के वोट द्वारा चुने जाते हैं और उनके द्वारा लिए गए फैसले जनता के फैसले माने जाते हैं।
  • स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव: एक सच्चे लोकतंत्र में चुनाव बिना किसी डर, भय या प्रलोभन के होने चाहिए और नागरिकों को अपनी इच्छानुसार वोट डालने की आजादी होनी चाहिए।
  • समान मताधिकार: लोकतंत्र का सीधा संबंध मताधिकार से है, जहाँ प्रत्येक वयस्क नागरिक को वोट देने का समान अधिकार होना चाहिए।
  • मताधिकार में असमानता के उदाहरण:
    • सऊदी अरब: यहाँ महिलाओं को वोट देने का अधिकार नहीं है।
    • फिजी: यहाँ के मूल निवासियों के वोट का महत्व भारतीय मूल के फिजी नागरिकों के वोट से ज्यादा है।
  • प्रतिनिधियों की भूमिका: चुने हुए प्रतिनिधि ही शासन का संचालन करते हैं, सरकार के लिए महत्वपूर्ण फैसले लेते हैं और कानूनों का निर्माण करते हैं।
  • समान मताधिकार: लोकतंत्र की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि सभी वयस्क नागरिकों को समान रूप से वोट देने का अधिकार मिले और उनके वोट का मूल्य बराबर हो।
  • संविधान का शासन: लोकतंत्र में देश का शासन किसी खास व्यक्ति या संस्था के बजाय संविधान के अनुसार चलता है।
  • बुनियादी अधिकारों की गारंटी: लोकतंत्र में नागरिकों को सोचने, विचार देने, संगठन बनाने, विरोध करने और राजनैतिक गतिविधियों में स्वतंत्र रूप से भाग लेने जैसे बुनियादी अधिकारों की गारंटी होती है।
  • स्वतंत्र न्यायपालिका: अधिकारों की रक्षा के लिए एक स्वतंत्र न्यायपालिका होती है, जिसके आदेशों का पालन सभी लोग करते हैं। यह सुनिश्चित करती है कि सरकार मनमानी न कर सके।
  • कानून के भीतर कार्य: सरकार अपने कार्यों और दायित्वों का संचालन निर्धारित तौर-तरीकों के आधार पर करती है और कोई भी फैसला लंबे विचार-विमर्श के बाद लिया जाता है।
  • बहुमत का शासन: सरकार उसी की बनती है जिसे विधानसभा (या सदन) में आधे से अधिक प्रतिनिधियों का समर्थन यानी बहुमत प्राप्त होता है।
  • जवाबदेही: सरकारी सेवकों की जिम्मेदारियाँ संविधान द्वारा तय की जाती हैं और वे सभी जनता के प्रति उत्तरदायी होते हैं।
  • बहुमत का शासन: लोकतंत्र की एक मुख्य विशेषता यह है कि इसमें बहुमत प्राप्त दल का ही शासन होता है.
  • बहुदलीय व्यवस्था (Multi-party System): लोकतंत्र के लिए बहुदलीय व्यवस्था का होना आवश्यक है। जहाँ ऐसी व्यवस्था नहीं होती, वहाँ लोकतंत्र नहीं हो सकता।
  • राजनीतिक दल और चुनाव चिह्न: चुनाव के दौरान विभिन्न दल अपने प्रतीकों के साथ प्रचार करते हैं, जैसे कांग्रेस का पंजा, भारतीय जनता पार्टी का कमल, राष्ट्रीय जनता दल का लालटेन और जनता दल यूनाइटेड का तीर छाप।
  • जनता की भागीदारी: लोकतंत्र में लोगों के पास शासकों को बदलने का विकल्प और अवसर उपलब्ध होता है क्योंकि चुनाव में अनेक दलों की भागीदारी होती है।
  • लोगों द्वारा चुने हुए प्रतिनिधि ही सारे फैसले लेते हैं।
  • चुनाव निष्पक्ष एवं स्वतंत्र होते हैं।
  • चुनी हुई सरकार संविधान द्वारा निर्धारित नियमों के अंदर कार्य करती है और नागरिकों के अधिकारों को सुरक्षित रखती है।
  • शासन के विभिन्न रूप: दुनिया में शासन के कई रूप मौजूद हैं, जिनमें सैनिक शासन, तानाशाही शासन, राजशाही शासन, कम्युनिस्ट शासन और लोकतांत्रिक शासन प्रमुख हैं।
  • लोकतंत्र की श्रेष्ठता: लोकतांत्रिक शासन को अन्य सभी शासन व्यवस्थाओं से बेहतर माना गया है।
  • वैश्विक प्रचलन: वर्तमान में दुनिया भर के देशों के बीच लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था को अपनाने की एक होड़ सी लगी हुई है।
  • संसदीय बहस: संसद और राज्यों के विधानमंडलों में विभिन्न मुद्दों पर गंभीर और गरमा-गरम बहसें होती हैं।
  • विश्लेषण की आवश्यकता: लोकतंत्र के गुणों और दोषों को समझने के लिए इसके पक्ष और विपक्ष में दिए जाने वाले तर्कों को समझना आवश्यक है।

  लोकतंत्र के विपक्ष में तर्क

  • शासन की गुणवत्ता: विरोधियों का तर्क है कि लोकतंत्र में अनपढ़ और गैर-जिम्मेदार लोगों की संख्या अधिक होती है, और उनके वोट को महत्व देने से शासन की गुणवत्ता कम हो जाती है।
  • नैतिकता का अभाव: लोकतंत्र में सत्ता की लड़ाई और खेल चलता रहता है, जहाँ नैतिकता के लिए कोई जगह नहीं रह जाती और केवल सत्ता हथियाने का प्रयास किया जाता है।
  • निर्णय लेने में देरी: इसमें फैसला लेने की प्रक्रिया कठिन होती है क्योंकि किसी भी निर्णय पर पहुँचने से पहले काफी वाद-विवाद और बहस होती है।
  • खर्चीली व्यवस्था: चुनावों में होने वाले भारी खर्च के कारण इसे एक खर्चीला शासन माना जाता है।
  • नेताओं द्वारा शोषण: आरोप है कि लोकतंत्र भ्रष्ट नेताओं के हाथ का खिलौना बन जाता है, जो लोगों की भावनाओं को भड़काकर सत्ता प्राप्त करते हैं।
  • समस्याओं का समाधान: यह तर्क दिया गया है कि लोकतंत्र अब तक न तो गरीबी मिटा पाया है और न ही समस्याओं या आशंकाओं को पूरी तरह समाप्त करने का कोई तरीका विकसित कर पाया है।

  ऐतिहासिक और अन्य तथ्य

  • बेहतर विकल्प: इन कमियों के बावजूद, उपलब्ध शासन व्यवस्थाओं में लोकतंत्र को ही सबसे बेहतर माना जाता है।
  • चीन का अकाल (1958-61): चीन में इस दौरान पड़ा अकाल विश्व इतिहास का अब तक का सबसे भयावह अकाल था, जिसमें करोड़ों लोग भूख से मरे थे।
  • बिहार की बाढ़ (2008): अगस्त-सितंबर 2008 में उत्तरी बिहार में आई बाढ़ प्रलय की तरह थी, जिससे करोड़ों-अरबों की संपत्ति का नुकसान हुआ और लाखों लोग तबाह हुए।
  • जवाबदेही: लोकतांत्रिक शासन का पहला गुण यह है कि इसमें शासन अधिक जवाबदेही वाला होता है क्योंकि सरकार लोगों की जरूरतों के अनुसार काम करती है।

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  • त्रासदियों से बचाव: अर्थशास्त्रियों का मानना है कि किसी भी स्वतंत्र और लोकतांत्रिक देश में कभी भी बड़ी अकाल जैसी त्रासदी नहीं हुई क्योंकि वहां बहुदलीय चुनावी व्यवस्था, मजबूत विपक्षी दल और स्वतंत्र मीडिया होता है।
  • लोककल्याण: गैर-लोकतांत्रिक सरकारों की तुलना में लोकतांत्रिक सरकार लोक-कल्याण के लिए सबसे उत्तम मानी जाती है क्योंकि प्रतिनिधि लोगों की इच्छाओं और आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर शासन करते हैं।
  • मानवाधिकार और विकास: लोकतंत्र नागरिकों को स्वतंत्रता, समानता और जीवन जीने जैसे मानवाधिकार प्रदान करता है, जिससे व्यक्ति का सर्वांगीण विकास होता है।
  • गरिमा और सम्मान: समान राजनैतिक और नागरिक अधिकारों के प्रयोग से व्यक्ति की गरिमा और सम्मान को बढ़ावा मिलता है।
  • न्यायपालिका की भूमिका: लोकतंत्र में न्यायपालिका की भूमिका अहम होती है क्योंकि वह निरंतर व्यवस्थापिका और कार्यपालिका पर नजर रखती है।
  • सार्वजनिक चर्चा: लोकतंत्र में सरकार द्वारा लिए गए फैसलों पर सार्वजनिक रूप से चर्चा और बहस होती है, जिससे गलत फैसलों को सुधारने का अवसर मिलता है।

  लोकतंत्र के मुख्य बिंदु

  • गलतियों में सुधार का अवसर: लोकतंत्र में सरकार को अपनी गलतियों को सुधारने का अवसर मिलता है; यदि सरकार अपने गलत फैसलों को नहीं बदलती, तो जनता के पास चुनाव के माध्यम से सरकार को बदलने का विकल्प होता है।
  • ऐतिहासिक उदाहरण: इमेज में बताया गया है कि 1975 में इंदिरा गांधी द्वारा लगाया गया आपातकाल (Emergency) जनता की दृष्टि में एक गलत फैसला था, जिसके कारण 1977 के चुनाव में उन्हें सत्ता से हटना पड़ा।
  • राजनीतिक प्रशिक्षण: चुनाव के दौरान नेताओं के भाषणों से जनता सरकार की नीतियों को समझती है, जिससे नागरिकों को समय-समय पर ‘राजनीतिक प्रशिक्षण’ मिलता रहता है।
  • जनता की गरिमा का सम्मान: लोकतंत्र में लोगों की गरिमा और उनकी इच्छाओं का सम्मान किए जाने की सबसे अधिक संभावना होती है।
  • विविधता में सामंजस्य: यह शासन व्यवस्था अलग-अलग तरह के लोगों को एक साथ बेहतर ढंग से रहने का अवसर प्रदान करती है।
  • सर्वश्रेष्ठ शासन व्यवस्था: हालाँकि लोकतंत्र सभी समस्याओं का समाधान नहीं है, फिर भी इसे दुनिया की अन्य शासन व्यवस्थाओं से बेहतर माना जाता है क्योंकि इसमें जवाबदेही और सुधार की गुंजाइश रहती है।
  • प्रतिनिधि लोकतंत्र: अधिकांश लोकतांत्रिक देशों में ‘प्रतिनिधि लोकतंत्र’ को अपनाया गया है, जिसमें सभी लोग सीधे शासन नहीं चलाते बल्कि उनके द्वारा चुने गए प्रतिनिधि शासन करते हैं।
  • व्यापक कार्यक्षेत्र: लोकतंत्र केवल सरकार तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रयोग परिवार, गाँव और विभिन्न संगठनों जैसे जीवन के किसी भी क्षेत्र में किया जा सकता है।
  • निर्णय लेने की प्रक्रिया: लोकतांत्रिक फैसले का अर्थ है कि उस फैसले से प्रभावित होने वाले सभी लोगों के साथ विचार-विमर्श करना और उनकी आपसी सहमति से निर्णय लेना।

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  • एक आदर्श के रूप में लोकतंत्र: एक आदर्श लोकतंत्र तब माना जाता है जब देश में कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए और सभी को समान रूप से मतदान का अधिकार, सूचनाएँ तथा बुनियादी शिक्षा प्राप्त हो।
  • जवाबदेही और सुधार: यह शासन की एक ऐसी व्यवस्था है जो अन्य प्रणालियों से बेहतर मानी जाती है क्योंकि इसमें कमियों को सुधारने और नागरिकों की गरिमा बनाए रखने की संभावना अधिक होती है।
  • लोकतंत्र का आदर्श: लोकतंत्र का आदर्श उन बुनियादी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करना है जो समाज के लिए महत्वपूर्ण हैं।
  • कामचलाऊ बनाम अच्छा लोकतंत्र: जहाँ इन समस्याओं के समाधान का प्रयास पूरी निष्ठा से किया जाता है, उसे ही ‘अच्छा लोकतंत्र’ कहा जा सकता है।
  • व्यापक अर्थ: अपने व्यापक अर्थ में लोकतंत्र केवल एक राजनीतिक व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह एक नैतिक धारणा और सामाजिक परिस्थिति भी है।
  • जीवन जीने का ढंग: लोकतंत्र सामान्य मनुष्य में निष्ठा पैदा करता है और इसे जीवन जीने के एक ढंग के रूप में प्रयुक्त किया जाता है।

1. इनमें से कौन लोकतंत्र के लिए आवश्यक नहीं है?

  • उत्तर: () न्यायालय पर किसी व्यक्ति का नियंत्रण हो।

2. आज दुनिया में सबसे बेहतर शासन किसे माना जाता है?

  • उत्तर: () लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था को।

3. लोकतांत्रिक एवं गैर लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था में अन्तर किस आधार पर किया जा सकता है?

  • उत्तर: () मतदान के अधिकार के आधार पर

4. लोकतंत्र में शासन कौन करते हैं?

  • उत्तर: () जनता

5. सैनिक शासन में शासन की जिम्मेवारी किसके हाथ में होती है?

  • उत्तर: () सेना या फौज के हाथ में

6. भारत में वोट देने की न्यूनतम उम्र सीमा क्या है?

  • उत्तर: () 18 वर्ष
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7. शासन व्यवस्था और देशों का सही मिलान:

  • () लोकतांत्रिक शासन — भारत
  • () सैनिक शासन — म्यांमार (बर्मा)
  • () कम्युनिस्ट शासन — चीन
  • () राजशाही शासन — भूटान

8. चुनाव चिह्नों और पार्टियों का सही मिलान:

  • () पंजा छाप — कांग्रेस पार्टी
  • () कमल छाप — भारतीय जनता पार्टी
  • () लालटेन छाप — राष्ट्रीय जनता दल
  • () तीर छाप — जनता दल यूनाइटेड

9. देशों का वर्गीकरण (लोकतांत्रिक / गैर-लोकतांत्रिक / पता नहीं)

  • () देश – जहाँ शासन लोग अपने प्रतिनिधि के माध्यम से करते हैं। → लोकतांत्रिक
  • () देश – शासन में फैसला लेने की शक्ति केवल सेना को है। → गैरलोकतांत्रिक
  • () देश – जहाँ पुरुषों के मत का महत्त्व महिलाओं से अधिक है। → गैरलोकतांत्रिक
  • () देश – जहाँ वोट देने का अधिकार सभी लोगों को नहीं है। → गैरलोकतांत्रिक

10. अन्य देशों का वर्गीकरण

  • () देश – चुनाव में एक ही दल के उम्मीदवार खड़े हों। → गैरलोकतांत्रिक
  • () देश – स्वतंत्र चुनाव आयोग नहीं है। → गैरलोकतांत्रिक
  • () देश – धर्म के आधार पर मत देने का अधिकार है। → गैरलोकतांत्रिक
  • () देश – मत देने से बुजुर्गों को रोका गया है। → गैरलोकतांत्रिक

11. गलत वाक्यों को ठीक करना

  • () गलत: लोकतांत्रिक शासन में सभी लोगों की भागीदारी हो ही नहीं सकती क्योंकि सभी व्यक्ति समान नहीं होते।
    • सही: लोकतांत्रिक शासन में सभी वयस्क नागरिकों की समान भागीदारी सुनिश्चित की जाती है क्योंकि लोकतंत्र में सभी व्यक्ति राजनीतिक रूप से समान माने जाते हैं।
  • () गलत: लोकतांत्रिक सरकार यदि गलत फैसला लेता है तो उसे लोग सहज स्वीकार कर लेते हैं।
    • सही: लोकतांत्रिक सरकार के गलत फैसलों का लोग विरोध कर सकते हैं और सरकार को अपने फैसले बदलने या भविष्य में सत्ता से हटने के लिए मजबूर कर सकते हैं।
  • () गलत: जिन देशों में चुनाव होता है, वहाँ माना जाता है कि वहाँ लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था है।
    • सही: केवल चुनाव होना ही लोकतंत्र की गारंटी नहीं है; चुनाव निष्पक्ष, स्वतंत्र और एक से अधिक विकल्पों वाले होने चाहिए।
  • () गलत: लोकतंत्र में सरकार पर नियंत्रण नहीं होती है। सरकार फैसला अपने इच्छानुसार लेती है।
    • सही: लोकतंत्र में सरकार पर जनता, संविधान और विपक्ष का नियंत्रण होता है; सरकार को फैसले जनहित में और कानून के दायरे में रहकर लेने होते हैं।
  • () गलत: यह कोई आवश्यक नहीं है कि लोकतंत्र में स्वतंत्र न्यायपालिका हो।
    • सही: लोकतंत्र की रक्षा के लिए एक स्वतंत्र न्यायपालिका का होना अत्यंत आवश्यक है।

12. लोकतंत्र के खिलाफ वक्तव्य

  • () लोकतंत्र में सभी लोगों का वोट का मूल्य बराबर होता है।
    • निष्कर्ष: यह लोकतंत्र के पक्ष में है, खिलाफ नहीं।
    • कारण: ‘एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य’ लोकतंत्र का आधारभूत सिद्धांत है जो समानता को बढ़ावा देता है।

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प्रश्न 13: कौन सा कथन लोकतांत्रिक है और कौन सा गैर-लोकतांत्रिक?

  • () प्रेस की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध का प्रस्ताव: यह गैरलोकतांत्रिक है। लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आजादी और स्वतंत्र प्रेस अनिवार्य है ताकि सरकार की जवाबदेही बनी रहे।
  • () साक्षरता के आधार पर मतदान से रोकना: यह गैरलोकतांत्रिक है। लोकतंत्र ‘सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार’ पर आधारित है, जहाँ शिक्षा या संपत्ति के आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकता।
  • () महादलित आयोग का गठन: यह लोकतांत्रिक है। समाज के पिछड़े और वंचित वर्गों के विकास के लिए कदम उठाना समानता के सिद्धांत के अनुरूप है।
  • () महिलाओं द्वारा आरक्षण की मांग: यह लोकतांत्रिक है। संसद में सभी वर्गों की उचित भागीदारी सुनिश्चित करना लोकतंत्र को मजबूत बनाता है।

प्रश्न 14: कौन सा तरीका लोकतांत्रिक नहीं है और क्यों?

इसका सही उत्तर () है।

  • () अधिकारियों को बंधक बनाना और अभद्र व्यवहार करना: यह तरीका गैरलोकतांत्रिक है क्योंकि लोकतंत्र शांतिपूर्ण विरोध और कानून के पालन की बात करता है। हिंसा, किसी को बंधक बनाना या कानून हाथ में लेना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

प्रश्न 15: इनमें से कौन सा कथन लोकतांत्रिक है?

दिए गए दोनों कथन लोकतांत्रिक नहीं हैं:

  • () उपहारों का लालच (धोती, साड़ी, कंबल): यह गैरलोकतांत्रिक है क्योंकि यह मतदाताओं को रिश्वत देने और स्वतंत्र चुनाव की प्रक्रिया को प्रभावित करने जैसा है।
  • () लिंग के आधार पर कम मजदूरी: यह गैरलोकतांत्रिक है। यह समानता के अधिकार का उल्लंघन है, जो लोकतंत्र का आधार है। ‘समान कार्य के लिए समान वेतन’ एक लोकतांत्रिक अधिकार है।

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